UP News Laborer Salary Hike: उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के श्रम विभाग ने 1 अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू कर दी हैं, जिसके तहत संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के कामगारों की कमाई में बढ़ोतरी हुई है। यह फैसला महंगाई भत्ते के पुनर्निर्धारण के बाद लिया गया है, जिससे अकुशल, अर्द्ध-कुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा।
नई दरों के लागू होने से मजदूरों की दैनिक मजदूरी में लगभग 10 से 14 रुपये तक की वृद्धि हुई है। यह बदलाव कालीन उद्योग, कांच उद्योग, ईंट-भट्ठा, प्लास्टिक, डेयरी समेत 74 से अधिक उद्योगों में लागू किया गया है।
कालीन उद्योग के श्रमिकों को कितना फायदा
कालीन उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह बढ़ोतरी खास मायने रखती है। पहले जहां अकुशल मजदूरों को 10293 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, अब यह बढ़कर 10566.29 रुपये हो गया है। इसी तरह अर्द्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की सैलरी में भी अच्छा इजाफा हुआ है।
| श्रेणी | पुरानी मजदूरी | नई मजदूरी |
|---|---|---|
| अकुशल | 10293 | 10566.29 |
| अर्द्ध-कुशल | 11436 | 11740 |
| कुशल | 12351 | 12679 |
इस बढ़ोतरी के बाद अब अकुशल मजदूरों को करीब 406 रुपये प्रतिदिन, अर्द्ध-कुशल को 451 रुपये और कुशल कामगारों को लगभग 487 रुपये रोजाना मिलेंगे।
कांच चूड़ी उद्योग में भी बढ़ी मजदूरी
कांच चूड़ी उद्योग से जुड़े श्रमिकों को भी इस फैसले का लाभ मिला है। यहां अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 9825 रुपये से बढ़कर 10096.68 रुपये हो गई है। वहीं अर्द्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में भी वृद्धि की गई है।
| श्रेणी | नई दैनिक मजदूरी |
|---|---|
| अकुशल | 388.33 |
| अर्द्ध-कुशल | 442.52 |
| कुशल | 492.19 |
खास बात यह है कि इस उद्योग में “तारवाला” जैसे विशेष श्रमिकों की मासिक आय 25503 रुपये से बढ़कर 26180.93 रुपये हो गई है, जो एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
अन्य उद्योगों में भी लागू नई दरें
श्रम विभाग ने केवल कुछ उद्योगों तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम-1948 के तहत 74 अन्य उद्योगों में भी नई दरें लागू की हैं। इनमें प्लास्टिक, कपड़ा, मिष्ठान, प्राइवेट अस्पताल, फर्नीचर, कोचिंग संस्थान, सड़क निर्माण और कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
| श्रेणी | पुरानी मजदूरी | नई मजदूरी |
|---|---|---|
| अकुशल | 11021 | 11313 |
| अर्द्ध-कुशल | 12123 | 12445 |
| कुशल | 13850 | 13940.37 |
इन नई दरों के लागू होने से प्रदेश के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्योगों पर भी पड़ेगा असर
हालांकि मजदूरी बढ़ने से श्रमिकों को फायदा होगा, लेकिन इसका असर उद्योगों पर भी देखने को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी फैक्ट्री में 100 मजदूर काम करते हैं तो मालिक को हर महीने लगभग 30 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला श्रमिकों के लिए राहत देने वाला है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है। नई मजदूरी दरें लागू होने से कामगारों की आय में मामूली लेकिन जरूरी बढ़ोतरी हुई है, जो उनके दैनिक जीवन में सहायक साबित हो सकती है।